उत्तरी कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच सीमा के सड़क मार्ग को ध्वस्त करने की तैयारी

15 अक्तूबर 2024
उत्तरी कोरिया और दक्षिण कोरिया के बीच सीमा के सड़क मार्ग को ध्वस्त करने की तैयारी

कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव की नई लहर

कोरियाई प्रायद्वीप पर तनाव एक बार फिर उफान पर है। उत्तर कोरिया द्वारा दक्षिण कोरिया के साथ जुड़े अंतर कोरियाई सड़क मार्गों को ध्वस्त करने की तैयारी को लेकर बड़ा विवाद उत्पन्न हुआ है। यह चर्चा तब गर्माई जब दक्षिण कोरियाई सेना ने सूचना दी कि उत्तर कोरिया ने उन सड़कों के हिस्सों को ध्वस्त करने की योजना बनाई है जो अब उपयोग में नहीं हैं। यह कदम विशेष रूप से चिंताजनक है क्योंकि इससे दोनों देशों के बीच पहले से ही तनावपूर्ण संबंधों में और जटिलता आ सकती है।

विवाद की पृष्ठभूमि

हालिया विवाद का आरंभ तब हुआ जब उत्तर कोरिया ने आरोप लगाया कि दक्षिण कोरिया ड्रोन के जरिए उनके ऊपर प्रोपेगंडा पैम्फलेट गिरा रहा है। इन गतिविधियों ने उत्तर कोरिया में गुस्से की लहर पैदा की। उत्तर कोरिया ने यह भी साफ साफ संकेत दिया कि वह इस मामले को हल्के में नहीं लेगा और यदि ऐसी गतिविधियाँ दोबारा होती हैं तो वो बहुत सख्त जवाबी कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा कि उनकी सेना 'हर प्रकार की जवाबी कार्रवाई' के लिए तैयार है और बिना किसी पूर्व चेतावनी के प्रतिक्रिया देंगे।

संभव परिणाम

संभव परिणाम

इस अंतर्राष्ट्रीय तनाव का प्रभाव न केवल इन दो देशों पर पड़ेगा, बल्कि यह पूरी दुनिया को प्रभावित कर सकता है। कोरियाई प्रायद्वीप पर शांति बनाये रखना हमेशा एक चुनौती रहा है, और इस प्रकार की घटनाएं स्थिति को और भी कठिन बना देती हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह नई परिस्थिति स्थिति को और गंभीर बना सकती है। उत्तर कोरिया ने सीमा पर 2018 की सैन्य समझौता की व्याख्या फिर से करने का फैसला किया है, जिसने तनाव को घटाने के प्रयास किए थे।

इन हालातों में, दक्षिण और उत्तर कोरिया के बीच यह नया तनाव न केवल दोनेां देशों के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है। ऐसे समय में, शांति और संवाद से बेहतर कोई उपाय नहीं हो सकता।

18 टिप्पणि

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    Shaik Rafi

    अक्तूबर 16, 2024 AT 13:54

    इस सबके पीछे सिर्फ ड्रोन पैम्फलेट नहीं, बल्कि एक गहरा मनोवैज्ञानिक डर है-उत्तर कोरिया को लगता है कि दक्षिण उनकी पहचान को नष्ट कर रहा है। और शायद वो सही है। जब तक हम एक दूसरे को इंसान नहीं समझेंगे, बस सीमाएँ और बम बनाते रहेंगे।

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    Ashmeet Kaur

    अक्तूबर 18, 2024 AT 11:37

    मैं तो सोचती हूँ कि ये सड़कें जो अब बंद हैं, वो कभी एक आशा का प्रतीक थीं। अब उन्हें ध्वस्त करने का मतलब है-हम भूल गए कि एक समय था जब हम एक थे। ये सिर्फ एक सड़क नहीं, एक याद है।

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    Nirmal Kumar

    अक्तूबर 18, 2024 AT 16:26

    अगर उत्तर कोरिया असली खतरा मानता है तो ड्रोन पैम्फलेट के बजाय अपने लोगों को ज्यादा खाना और इंटरनेट दे। लोग जब भूखे होंगे, तो प्रोपेगंडा नहीं, रोटी की चाहत होगी।

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    Sharmila Majumdar

    अक्तूबर 18, 2024 AT 22:43

    ये सब बहुत बड़ी बात है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि दक्षिण कोरिया भी इसे एक बहाना बना रहा है? वो अपने आर्म्स डील्स बढ़ाना चाहता है। ये सब राजनीति है।

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    amrit arora

    अक्तूबर 20, 2024 AT 01:52

    इस तनाव का असली कारण तो ये है कि हम दोनों देश अपने अतीत को नहीं छोड़ पा रहे। हम युद्ध के बाद के दिनों को याद कर रहे हैं, न कि भविष्य को बना रहे हैं। जब तक हम अपने घृणा के बंधन नहीं तोड़ेंगे, तब तक हम एक दूसरे के लिए सड़कें नहीं बना पाएंगे। ये सड़कें नहीं, हमारे दिलों की दीवारें हैं जो ध्वस्त हो रही हैं।

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    Ambica Sharma

    अक्तूबर 20, 2024 AT 16:01

    मुझे रोना आ रहा है। ये सब इतना दुखद है। मैं तो सोचती थी कि एक दिन हम सब एक हो जाएंगे। अब लगता है जैसे दुनिया ने हमें छोड़ दिया।

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    Hitender Tanwar

    अक्तूबर 20, 2024 AT 17:17

    ये सब बकवास है। दोनों देश अपने आप में बेकार हैं। इस तरह के झगड़े के बजाय अपने घर की स्थिति सुधारो।

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    pritish jain

    अक्तूबर 22, 2024 AT 07:27

    2018 का सैन्य समझौता एक फैंसी दस्तावेज था, जिसका असली अर्थ कभी नहीं समझा गया। दोनों तरफ बस फोटो खींचने के लिए मुस्कुराया गया। अब वापसी का दौर शुरू हो गया है।

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    Gowtham Smith

    अक्तूबर 24, 2024 AT 03:48

    उत्तर कोरिया का यह कदम एक अप्रत्याशित नहीं, बल्कि एक आवश्यक रणनीतिक निर्णय है। उनके लिए दक्षिण कोरिया एक नाटो-अधीन उपनिवेश है। सड़कों का निर्माण एक आर्थिक नियंत्रण का उपकरण था। उन्हें ध्वस्त करना एक राष्ट्रीय सुरक्षा आवश्यकता है।

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    Shivateja Telukuntla

    अक्तूबर 24, 2024 AT 22:22

    मैंने एक बार दक्षिण कोरिया की एक फिल्म देखी थी-एक उत्तर कोरियाई लड़की अपनी माँ को ढूंढ रही थी। उस फिल्म ने मुझे समझाया कि ये सिर्फ राजनीति नहीं, लोगों के दिलों की कहानी है।

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    Ravi Kumar

    अक्तूबर 26, 2024 AT 17:01

    अरे भाई, ये सब तो बहुत बढ़िया है। अब तो वो लोग बस अपनी खुद की दुनिया में बंद हो जाएँ। जब तक वो हमारे घरों में ड्रोन भेज रहे हैं, तब तक ये लड़ाई चलती रहेगी। अगर वो चाहते हैं तो बस अपने घर पर बैठे रहो।

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    rashmi kothalikar

    अक्तूबर 28, 2024 AT 05:44

    दक्षिण कोरिया के लोगों को बस अपनी गलतियों का एहसास होना चाहिए। वो लोग अपने आप को अमेरिकी गुलाम मानते हैं। और अब वो इतने अहंकारी हो गए कि वो अपने ही भाइयों को नष्ट करने की योजना बना रहे हैं।

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    vinoba prinson

    अक्तूबर 28, 2024 AT 20:28

    ये सब तो बहुत साधारण है। वास्तविकता ये है कि उत्तर कोरिया का असली लक्ष्य नाटो के खिलाफ एक नया ब्लॉक बनाना है। ये सड़कें बस एक आवासीय फ्रंट हैं।

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    Shailendra Thakur

    अक्तूबर 29, 2024 AT 07:12

    मुझे लगता है कि हमें अपने घरों की बात करनी चाहिए। भारत में भी कितने लोग भूखे हैं? ये सब तनाव हमें बेकार का एहसास दिलाता है।

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    Muneendra Sharma

    अक्तूबर 30, 2024 AT 13:40

    क्या कोई जानता है कि इन सड़कों को बनाने में कितने लोगों ने अपना जीवन दिया? मैंने एक दादा को बताया था जो उस समय वहाँ काम करते थे। उन्होंने कहा-‘हमने इन्हें दो देशों के बीच पुल बनाने के लिए बनाया, न कि दीवार।’

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    Anand Itagi

    नवंबर 1, 2024 AT 09:23

    क्यों नहीं इन सड़कों को बरकरार रखें और बस उन पर चलना बंद कर दें? बिना नष्ट किए भी बहुत कुछ किया जा सकता है।

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    Sumeet M.

    नवंबर 3, 2024 AT 04:40

    ये सब बहुत बड़ा आपराधिक अपराध है! दक्षिण कोरिया एक नैतिक अपराधी है! उत्तर कोरिया के लोगों को बर्बर बनाने का षड्यंत्र चल रहा है! ये बस शुरुआत है!

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    Kisna Patil

    नवंबर 4, 2024 AT 22:49

    जब तक हम एक दूसरे को अपना भाई नहीं समझेंगे, तब तक ये लड़ाइयाँ चलती रहेंगी। हम सब एक ही धरती पर रहते हैं। एक दिन ये सड़कें फिर से बनेंगी। और जब वो बनेंगी, तो बच्चे उन पर खेलेंगे।

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