रांची में 26 से 28 मार्च तक भारी ट्रैफिक लॉकडाउन, मेन रोड और रिंग रोड बदलेंगे नियम

26 मार्च 2026
रांची में 26 से 28 मार्च तक भारी ट्रैफिक लॉकडाउन, मेन रोड और रिंग रोड बदलेंगे नियम

अगर आप कल सुबह ऑफिस निकलने वाली सोच रहे थे, तो थोड़ा रुक कर प्लानिंग बदलना बेहतर होगा। रांची पुलिस विभाग ने शहरवासियों को चेताया है कि आने वाले तीन दिन में शहर का संचालन काफी अलग दिखेगा। कारण कोई सामान्य कार्य नहीं, बल्कि धार्मिक त्यौहार की बड़ी भीड़ है। रांची, जो झारखंड की राजधानी है, यह 26 से 28 मार्च 2026 के बीच पूरी तरह से अपने नियम बदल रही है।

वाकई, मस्ती करने वाले भक्तों की भीड़ और रथों के जत्थे इस बार ज्यादा होने की उम्मीद है। रामनवमी उत्सवरांची और इसके साथ ही चैती दुर्गा पूजा बिर्सण अनुष्ठानरांची के कारण शहर के कई हब बिल्कुल सील हो जाएंगे। जिला प्रशासन का कहना है कि वे चाहते हैं कि प्रक्रिया शांतिपूर्ण रहे, लेकिन फिर भी आपका कामकाज प्रभावित नहीं हो, इसलिए पहले से सावधानी बरतें। खास बात यह है कि अब बस 'बंदी' नहीं होगी, बल्कि पूरे दिन के लिए रास्तों का नक्शा ही बदल जाएगा।

प्रमुख मार्गों पर कठोर प्रतिबंध और समय

सबसे पहले समझें कि कौन से दिन सबसे गंभीर रहेंगे। 26 मार्च को शाम 4 बजे से ही भारी वाहनों के लिए शहर में एंट्री बंद हो जाती है। छोटी वाणिज्यिक गाड़ियां भी दोपहर 5 बजे बाद 12 बजे तक काम नहीं करेंगी। ओटो और टैक्सी का रास्ता भी तय है—किशोरि यादव चौक से लेकर ऊपर बाजार तक का रूट पूरी तरह फ्री नहीं रहेगा।

लेकिन असली खेल शुरू होता है 27 मार्च को। यह वह दिन है जब मुख्य कूच निकलता है। मेन रोड दिनभर वाहनों के लिए बंद रहेगी। सुबह 8 बजे से ही भारी वाहन रुकेंगे और 28 तारीख की सुबह 4 बजे तक। मतलब लगभग 20 घंटे के लिए आपके विकल्प बहुत कम हो सकते हैं। पोलिस ने स्पष्ट किया है कि वृद्धि पांच मुख्य चौराहों पर सीधा प्रवेश मना है। चाहे आप SS रेजिडेन्स चौक से आएँ या सर्कुलर रोड से, जेल चौक से आगे बढ़ना मुश्किल होगा।

वैकल्पिक मार्ग और सुरक्षा व्यवस्था

बंद रास्तों के बारे में चिंता न करें, क्योंकि विकल्प मौजूद हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी हेवी व्यावसायिक वाहन, जैसे ट्रक और ट्रेलर, सीधे रिंग रोड का इस्तेमाल करें। शहर के केंद्र से गुजरने की कोशिश न करें, वहां सिर्फ आंसू मिलेंगे। अस्पतालों में जानवरों या इंसानों के रेस्क्यू के लिए एंबुलेंस चलेंगी, लेकिन उन्हें भी पुलिस की मदद लेनी पड़ेगी।

आपको पता होना चाहिए कि साइड रोड्स जैसे विश्वनु गली, बुढिया गली और चर्च रोड भी बंद किए जा सकते हैं। अगर आप किसी रिश्तेदार से मिलने चले हैं, तो पहले फोन करके रास्ता पूछ लें। 28 मार्च को बिर्सण की थीम होने के कारण भीड़ दोबारा पैदा हो सकती है। सुबह 8 बजे से रात 12 बजे तक फिर से भारी वाहनों को प्रतिबंधित किया जाएगा।

आम नागरिकों के लिए जरूरी सुझाव

आम नागरिकों के लिए जरूरी सुझाव

जो लोग घर से काम कर सकते हैं, उनको सलाह दी गई है कि ये तीन दिन छुट्टी मनाएं। अगर बाहर निकलना ही है, तो सार्वजनिक परिवहन या टैक्सी की भीड़ का ख्याल रखें, क्योंकि कुछ रास्तों पर उनकी भी लाइन बना रहेगी। आपकी सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस टीमें तैनात हैं, लेकिन नियमों का पालन अनिवार्य है। याद रखें, यह अस्थायी व्यवस्था है ताकि धर्म के नाम पर कोई हादसा न हो।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या मेन रोड पर निजी गाड़ियां भी चलाई जा सकती हैं?

27 मार्च को दोपहर 12:30 बजे से रात 12:30 बजे तक ऑटो और टैक्सी समेत निजी वाहनों का प्रवेश मुख्य मार्ग पर वर्जित रहेगा। अन्य रास्तों पर भी सीमित पहुंच हो सकती है, इसलिए विकल्प तलाशें।

क्या एमरजेंसी सर्विसज इन दिनों चालू रहेंगी?

हाँ, एंबुलेंस और अग्निशामक सेवाएं सक्रिय रहेंगी। पुलिस इनकी सुरक्षित गति का प्रावधान करेगी, लेकिन उनके पास से होकर गुजरने के लिए भी आप पर्याप्त दूरियां बनाए रखेंगे।

ट्रकों और भारी वाहनों का क्या बंदोबस्त है?

प्रशासन ने निर्देश दिया है कि हेवी वाहनों को शहर के बीचोंबीच से बचकर रिंग रोड का उपयोग करना होगा। सीधा शहर में प्रवेश करने पर जुर्माना व लागू हो सकता है।

कब तक ये प्रतिबंध लागू रहेंगे?

यह नियम 26 मार्च की शाम से शुरू होकर 28 मार्च की मध्यरात्रि तक बरकरार रहेंगे। उसके बाद सामान्य यातायात व्यवस्था पुनः स्थापित की जाएगी, हालांकि भीड़ के आधार पर थोड़ा समय बदल सकता है।