जब राष्ट्रीय परीक्षा प्राधिकरण (NTA) ने जून 2026 में NEET पुनरीक्ष के लिए सख्त नियम जारी किए, तो किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि उम्मीदवारों की तरफ से इतनी चालाकी देखने को मिलेगी। लेकिन वास्तविकता फिल्मों से कम दिलचस्प नहीं थी। बिहार सहित वाराणसी, हैदराबाद और जयपुर जैसे केंद्रों में 'मुन्नाभाई MBBS' शैली की धांधली सामने आई, जिसमें मोबाइल फोन, सिम कार्ड और पेपर स्लिप्स को अंडरगारमेंट्स में छिपाकर लाया गया।
यह कोई मामूली घटना नहीं थी। यह एक संगठित अपराध था, जहाँ बदले में पैसे लेकर दूसरे छात्रों की जगह बैठने वाले 'प्रॉक्सी' उम्मीदवारों और तकनीकी साज़िशों का जाल बुना गया। पुलिस ने इस मामले में कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में इस संख्या का उल्लेख 30 तक भी किया गया है।
'मुन्नाभाई' वाली नई ट्रिक: अंडरगारमेंट में सिम कार्ड
आप सोच सकते हैं कि आधुनिक सुरक्षा जांच में फोन कैसे छिपाया जाता है? यही तो है असली मुद्दा। समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उम्मीदवारों ने अपने अंडरगारमेंट्स में सिम कार्ड और छोटे टुकड़े कागज छिपाए थे। एक इंस्टाग्राम रील ने इसे स्पष्ट रूप से 'मुन्नाभाई की नई ट्रिक' बताया, जहाँ उम्मीदवार Google की मदद लेने के लिए सिम कार्ड का उपयोग कर रहे थे।
वाराणसी के एक केंद्र में, जब एक अभ्यर्थी की तलाशी ली गई, तो उसका शक हुआ क्योंकि वह अजीब तरीके से हिल रहा था। सुरक्षाकर्मी ने उसके अंडरगारमेंट से सिम कार्ड और पेपर बरामद किया। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस 'छात्र' को तुरंत हिरासत में लिया गया। यह दिखाता है कि कैसे छोटी-छोटी चीजें बड़ी धांधली का हिस्सा बन सकती हैं।
हैदराबाद और राजस्थान: वॉशरूम और ब्रा में फोन
कहीं और, हैदराबाद में एक उम्मीदवार ने परीक्षा शुरू होने से पहले ही अपना फोन वॉशरूम में छिपा दिया था। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, जब यह बात सामने आई, तो उस उम्मीदवार को पुलिस हिरासत में ले लिया गया। यह तरीका थोड़ा अलग था—शरीर पर नहीं, बल्कि परीक्षा केंद्र के भीतर सुरक्षित स्थान पर डिवाइस रखना।
राजस्थान, विशेष रूप से जयपुर में, स्थिति और भी चौंकाने वाली थी। न्यूज24 राजस्थान की एक वीडियो रिपोर्ट में बताया गया कि एक छात्रा ने परीक्षा हॉल में बैठते समय अपने ब्रा (अंडरगारमेंट) में मोबाइल फोन छिपा रखा था। फर्स्ट इंडिया न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की। यह केवल एक छात्रा का मामला नहीं था; यह एक पैटर्न था जो पूरे राज्य में फैला हुआ था।
बिहार में बड़ा एक्सन: प्रॉक्सी एग्जाम रैकेट का पर्दाफाश
सबसे बड़ा झटका बिहार को लगा। बिहार पुलिस ने NEET-UG पुनरीक्ष के दौरान एक बड़े प्रॉक्सी एग्जाम रैकेट को ध्वस्त किया। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इस 'मुन्नाभाई शैली' की धांधली में 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया, हालांकि अन्य रिपोर्ट्स में 30 नाम भी सामने आए हैं।
इस रैकेट में केवल छात्र ही नहीं, बल्कि बायोमेट्रिक कर्मचारी भी शामिल थे। एक रिपोर्ट के अनुसार, 9 ऐसे 'मुन्नाभाई' (प्रॉक्सी उम्मीदवार) गिरफ्तार किए गए जिन्होंने बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को चुनौती दी या उसे बेकार बना दिया। एक छात्रा ने मोबाइल फोन अंडरगारमेंट में छिपाकर परीक्षा हॉल में प्रवेश किया, जो इस संगठित साज़िश का सबूत था।
NTA के नियम vs वास्तविकता
19 जून 2026 को NTA ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए थे: "पारदर्शी बोतल अनुमत ✓ | मोबाइल फोन प्रतिबंधित ❌"। फिर भी, उम्मीदवारों ने इन नियमों की अनदेखी की। यह दिखाता है कि केवल नियम काफी नहीं हैं; निष्पादन और जागरूकता भी जरूरी है।
2024 में NDTV द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट ने 'सॉल्वर गैंग' और 'मुन्नाभाई' की भूमिका को उजागर किया था, जो परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करते और प्रॉक्सी उम्मीदवार प्रदान करते थे। 2026 के ये मामले उसी पैटर्न का हिस्सा लगते हैं, जहाँ तकनीक और संगठित अपराध का मिलन हो रहा है।
भविष्य क्या है?
ये घटनाएं केवल कुछ छात्रों की गलती नहीं हैं; यह शिक्षा व्यवस्था की सुरक्षा पर सवाल खड़ी करती हैं। क्या AI और हाई-टेक उपकरणों का उपयोग अब परीक्षाओं में आम हो जाएगा? सरकार और NTA को अब और सख्त तकनीकी उपाय, जैसे कि एडवांस बायोमेट्रिक्स और AI-आधारित मॉनिटरिंग, अपनाने होंगे।
Frequently Asked Questions
NEET पुनरीक्ष 2026 में किस प्रकार की धांधली हुई?
धांधली में मोबाइल फोन, सिम कार्ड और पेपर स्लिप्स को अंडरगारमेंट्स या ब्रा में छिपाना शामिल था। कुछ मामलों में फोन को वॉशरूम में छिपाया गया, जबकि अन्य में प्रॉक्सी उम्मीदवारों (मुन्नाभाई) द्वारा परीक्षा देने का आरोप लगा।
बिहार में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया?
बिहार पुलिस ने प्रॉक्सी एग्जाम रैकेट में कुल 24 लोगों को गिरफ्तार किया, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में इस संख्या का उल्लेख 30 तक किया गया है। इनमें बायोमेट्रिक कर्मचारी और प्रॉक्सी उम्मीदवार शामिल थे।
NTA ने 19 जून 2026 को स्पष्ट रूप से कहा था कि मोबाइल फोन पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं। केवल पारदर्शी बोतलें अनुमत थीं। इसके बावजूद, कई उम्मीदवारों ने इन नियमों का उल्लंघन किया।
क्या यह पहली बार है जब NEET में ऐसी धांधली हुई है?
नहीं, 2024 में भी 'सॉल्वर गैंग' और प्रॉक्सी उम्मीदवारों के मामले सामने आए थे। 2026 के मामले पिछले वर्षों के पैटर्न का ही एक हिस्सा हैं, जहाँ तकनीकी साधनों का दुरुपयोग बढ़ रहा है।
इन धांधली के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई?
वाराणसी, हैदराबाद और जयपुर में संबंधित छात्रों को पुलिस हिरासत में लिया गया। बिहार में एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया गया और कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। अदालतों ने भी कड़ी कार्रवाई की ओर संकेत किया है।