नंबर वन भारतीय मुक्केबाज नीरज गोयत: माइक टायसन और जेक पॉल के साथ रिंग में

17 नवंबर 2024
नंबर वन भारतीय मुक्केबाज नीरज गोयत: माइक टायसन और जेक पॉल के साथ रिंग में

नीरज गोयत: भारतीय मुक्केबाजी का नया सितारा

हरियाणा के करनाल जिले के बेगमपुर गाँव में 11 नवंबर 1991 को जन्मे नीरज गोयत भारतीय मुक्केबाजी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नाम बनकर उभरे हैं। नीरज ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा एसडी मॉडल स्कूल में प्राप्त की और उसके बाद आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में 2006 में मुक्केबाजी की शिक्षा लेना शुरू किया। वहाँ उन्होंने अपनी दसवीं कक्षा की पढ़ाई भी पूरी की। उनके इस निर्णय ने उनके जीवन को एक नया मोड़ दिया।

मुक्केबाजी करियर की शुरुआत

नीरज ने 2007 में जूनियर नेशनल में कांस्य पदक जीतकर अपनी शुरुआत की। अगले साल 2008 में, उन्होंने युवा राष्ट्रीय में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने 2010 में ऑल इंडिया सुपर कप में रजत पदक जीता और इसी वर्ष ए.के मिश्रा टूर्नामेंट में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। 2011 के राष्ट्रीय खेलों में उन्होंने रजत पदक जीता और 2012 के वरिष्ठ राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी वही उपलब्धि हासिल की।

अंतर्राष्ट्रीय सफलता

नीरज ने 2014 में एक नए इतिहास की रचना की जब वे ऐसे पहले व्यक्ति बने जो चीन में पूर्व डब्ल्यूबीए विश्व चैम्पियन झू कैन को परास्त कर सके। यह जीत उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सहायक रही। नीरज गोयत पहले भारतीय प्रोफेशनल बॉक्सिंग खिलाड़ी हैं जिन्होंने 2016 ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के लिए वेनेज़ुएला में आयोजित क्वालीफाइंग में भाग लिया और ब्रॉन्ज मेडल जीता।

डब्ल्यूबीसी एशिया की शानदार उपलब्धियाँ

नीरज ने डब्ल्यूबीसी एशिया का खिताब तीन बार जीता है और 2017 में उन्हें डब्ल्यूबीसी एशिया के 'ओनरेरी बॉक्सर ऑफ द ईयर' पुरस्कार से नवाजा गया। उनकी सफलता की गाथा यहीं नहीं रुकी। 2016 के समर ओलंपिक में उनकी भागीदारी भारत के लिए एक गर्व का पल था।

माइक टायसन और जेक पॉल के साथ मुकाबला

हाल ही में, नीरज गोयत को माइक टायसन और जेक पॉल जैसे दिग्गजों के साथ एक ही इवेंट में मुकाबला करने का अवसर मिला। एटी एंड टी स्टेडियम, टेक्सास में आयोजित इस इवेंट में, उन्होंने विंडरसन नून्स के खिलाफ रिंग में उतरी। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का सीधा प्रसारण नेटफ्लिक्स पर किया गया, जिसे भारत सहित दुनियाभर के मिलियन लोग ने देखा।

नीरज ने इस मौके पर अपने आप को और अपने देश को गौरवांवित महसूस किया। उन्होंने कहा, "मैं इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में भाग लेने पर अत्यंत उत्साहित हूँ। मेरे परिवार, मेरे देश और मुझ पर नजर रखने वाले सभी भारतीयों की उम्मीदें मेरी सबसे बड़ी ताकत हैं।"

नीरज की प्रेरणा और भविष्य की योजनाएँ

नीरज गोयत ने अपने जीवन में कठिन परिश्रम और समर्पण के बल पर इस मुकाम को हासिल किया है। उनके युवा सिखाने और अन्य उभरते मुक्केबाजों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। भविष्य में वे और अधिक अंतरराष्ट्रीय खिताब जीतने की और भारत को गौरवांवित करने की दिशा में लगातार प्रयासरत रहेंगे।

अब दुनिया की नजरें इस होनहार भारतीय बॉक्सर पर हैं और वो एक ऐसे मुक्केबाज के रूप में जाने जा रहे हैं जिन्होंने अपनी मेहनत और योगदान से भारतीय मुक्केबाजी को ऊँचाईयों तक पहुंचाया। उनका सफर हर उभरते भारतीय खिलाड़ी के लिए एक प्रेरणा है।

20 टिप्पणि

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    Anand Itagi

    नवंबर 17, 2024 AT 09:35
    नीरज ने जो किया है वो बस एक मुक्केबाजी का खिताब नहीं बल्कि पूरे देश का गौरव है
    मैंने उसकी शुरुआत की तस्वीरें देखी थीं गाँव की मिट्टी में लटकते हुए बॉक्सिंग ग्लव्स
    अब वो नेटफ्लिक्स पर हैं और दुनिया उसे देख रही है
    ये सिर्फ एक खिलाड़ी की कहानी नहीं बल्कि हर उस बच्चे की कहानी है जिसे कोई नहीं मानता
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    Sumeet M.

    नवंबर 17, 2024 AT 12:56
    माइक टायसन के साथ रिंग में? ये कौन सी बकवास है? टायसन तो 50+ है और नीरज को इस फेक इवेंट में डाल दिया? ये सब ट्रेंड के लिए है! भारत के लिए गौरव? नहीं भाई, ये एंटरटेनमेंट है! असली बॉक्सिंग तो ओलंपिक में होती है!
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    Kisna Patil

    नवंबर 18, 2024 AT 12:41
    इस आदमी ने एक छोटे से गाँव से शुरुआत की और आज दुनिया के सबसे बड़े बॉक्सर्स के साथ रिंग में उतर रहा है
    कोई नहीं जानता था इस लड़के के पास इतनी ताकत है
    उसकी आँखों में वो जुनून था जो किसी ट्रेनर ने नहीं सिखाया था
    वो अपने आप को बनाता गया
    और आज वो भारत का सितारा है
    हर एक बच्चे को ये दिखाना है कि तुम्हारा गाँव तुम्हें सीमित नहीं करता
    तुम्हारी लगन ही तुम्हारी सीमा है
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    ASHOK BANJARA

    नवंबर 19, 2024 AT 10:10
    यहाँ एक गहरी बात है जिसे कोई नहीं देख रहा
    नीरज ने अपनी पहचान को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नहीं बल्कि अपने आंतरिक नियमों के आधार पर बनाया
    उसकी लड़ाई बाहरी खिताबों के लिए नहीं बल्कि अपने अंदर के डर के लिए थी
    जब तुम एक गरीब गाँव के बच्चे हो तो जीतना नहीं बचना है
    उसने जीत के बजाय अपनी अस्तित्व की पुष्टि की
    ये वो बात है जो हर युवा को समझनी चाहिए
    सफलता का मतलब दूसरों को दिखाना नहीं बल्कि अपने आप को जानना है
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    Sahil Kapila

    नवंबर 20, 2024 AT 01:36
    माइक टायसन के साथ मुकाबला? बस एक नए वीडियो क्लिप के लिए बनाया गया फेक इवेंट है
    नीरज एक अच्छा खिलाड़ी है लेकिन ये सब ट्रेंड के लिए है
    नेटफ्लिक्स के लिए बनाया गया ड्रामा
    असली बॉक्सिंग तो ओलंपिक में होती है
    और ये सब बस एक ब्रांडिंग गेम है
    भारत के लिए गौरव? नहीं भाई ये ब्रांड एक्सपोजर है
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    Rajveer Singh

    नवंबर 21, 2024 AT 12:57
    भारत का नंबर वन मुक्केबाज जो अमेरिका में टायसन के साथ लड़ रहा है और फिर भी कुछ लोग बोलते हैं कि ये फेक है?
    तुम लोग अपने देश के गौरव को क्यों नीचा दिखाते हो?
    हमारे लड़के ने दुनिया के सबसे बड़े बॉक्सर्स के साथ रिंग में उतरा
    और तुम बोल रहे हो कि ये एंटरटेनमेंट है?
    अगर ये एंटरटेनमेंट है तो तुम्हारा देश इसे नहीं बना सकता
    हमारे लड़के ने अपनी मेहनत से ये सब किया है
    और तुम इसे नकार रहे हो?
    भारत के लिए गौरव बनो या बस चुप रहो
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    Ankit Meshram

    नवंबर 22, 2024 AT 05:20
    बहुत बढ़िया। गर्व हुआ।
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    Shaik Rafi

    नवंबर 24, 2024 AT 01:54
    नीरज की यात्रा एक ऐसा उदाहरण है जिसे हमें अपने बच्चों को सिखाना चाहिए
    कोई भी गाँव या शहर नहीं बल्कि एक अटूट इच्छाशक्ति ही वास्तविक शक्ति है
    उसके लिए आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट का नाम भी अब एक प्रेरणा का प्रतीक बन गया है
    हमें अपने बच्चों को बताना चाहिए कि जब तक तुम अपने लक्ष्य के लिए लड़ोगे तब तक कोई भी तुम्हें रोक नहीं सकता
    उसकी यात्रा हम सबके लिए एक शिक्षा है
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    Ashmeet Kaur

    नवंबर 25, 2024 AT 02:53
    मैंने उसकी एक इंटरव्यू देखी थी जहाँ उसने कहा था कि उसकी माँ उसे रोज सुबह दो अंडे खिलाती थीं ताकि वो मजबूत बन सके
    वो अंडे उसकी जीत की नींव थे
    हर भारतीय माँ उसकी माँ है
    हर गाँव का बच्चा उसका भाई है
    हम सब उसके लिए अंडे खाते हैं
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    Nirmal Kumar

    नवंबर 26, 2024 AT 06:49
    ये बहुत अच्छी बात है कि भारतीय खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दिख रहे हैं
    लेकिन ये भी सच है कि अधिकांश इवेंट्स अमेरिकी ब्रांड्स के लिए बनाए जाते हैं
    नीरज एक वास्तविक टैलेंट है और उसकी मेहनत की तारीफ की जानी चाहिए
    लेकिन हमें इस बात को भी समझना चाहिए कि ये एक व्यावसायिक गेम भी है
    अच्छा है कि वो अपनी जीत के साथ भारत का नाम रोशन कर रहा है
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    Sharmila Majumdar

    नवंबर 27, 2024 AT 23:49
    मुझे लगता है ये सब बहुत अधिक आकर्षक बनाया गया है
    नीरज एक अच्छा खिलाड़ी है लेकिन इस इवेंट का वास्तविक उद्देश्य दर्शकों को आकर्षित करना है
    माइक टायसन अब एक बॉक्सिंग लेजेंड नहीं बल्कि एक प्रोमोशनल टूल है
    जेक पॉल तो बिल्कुल एक इंटरनेट स्टार है
    नीरज को इनके साथ लाने से वास्तविक बॉक्सिंग की ताकत कम हो रही है
    हमें अपने खिलाड़ियों को इस तरह के फेक इवेंट्स में नहीं डालना चाहिए
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    amrit arora

    नवंबर 28, 2024 AT 05:36
    मैं इस बात से सहमत हूँ कि नीरज की यात्रा अद्भुत है
    लेकिन एक व्यक्ति के जीवन को सिर्फ एक इवेंट के साथ परिभाषित करना गलत है
    उसकी दिनचर्या, उसकी रातें, उसके अकेलेपन, उसके घाव, उसके डर - ये सब उसकी जीत का हिस्सा हैं
    हम इस तरह के इवेंट्स को बड़ा बना देते हैं और उसकी वास्तविक कहानी को भूल जाते हैं
    नीरज एक खिलाड़ी है न कि एक प्रोमोशनल एक्सप्रेशन
    हमें उसके जीवन की गहराई को समझना चाहिए न कि सिर्फ उसके नाम को ट्रेंड पर लाना
    वह जो भी करता है वह उसके लिए अपने आप में पर्याप्त है
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    Ambica Sharma

    नवंबर 29, 2024 AT 05:41
    मैं रो रही हूँ अब तक इसके लिए
    मैंने उसकी बचपन की तस्वीर देखी थी और आज उसे नेटफ्लिक्स पर देखा
    मैंने उसकी माँ के बारे में पढ़ा था
    और अब ये सब एक साथ है
    मैं अपने देश के लिए गर्व कर रही हूँ
    और ये बहुत ज्यादा भावनात्मक है
    मैं अब रो रही हूँ
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    Hitender Tanwar

    नवंबर 30, 2024 AT 20:10
    इस बात को भूल गए कि टायसन अब एक बूढ़ा है और नीरज को बस एक फेक मैच में डाला गया है
    असली बॉक्सिंग तो ओलंपिक में होती है
    ये सब बस एक ट्रेंड है
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    pritish jain

    दिसंबर 2, 2024 AT 14:33
    नीरज गोयत की यात्रा एक विशिष्ट उदाहरण है जिसमें निरंतर प्रयास, समर्पण और अनुशासन का महत्व स्पष्ट होता है
    उनकी शुरुआत एक छोटे गाँव से हुई और आज वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर उभरे हैं
    इसके पीछे कोई जादू नहीं है, केवल दिन-रात का कड़ा परिश्रम है
    उनकी सफलता भारतीय युवाओं के लिए एक शक्तिशाली प्रेरणा है
    यह सिद्ध करता है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास निरंतर हो, तो कोई भी सीमा अविभाज्य होती है
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    Gowtham Smith

    दिसंबर 3, 2024 AT 09:53
    इस इवेंट का फाइनेंशियल आर्किटेक्चर देखो
    नेटफ्लिक्स के साथ लाइव स्ट्रीमिंग, एटी एंड टी स्टेडियम का ब्रांडिंग, टायसन का प्रोमोशनल वैल्यू, जेक पॉल का एंगेजमेंट मॉडल - सब कुछ एक डिजिटल इकोसिस्टम में इंटीग्रेटेड है
    नीरज की भूमिका एक ऑप्टिमाइज्ड लॉजिस्टिकल एलिमेंट है जिसे इस इकोसिस्टम के अंदर रखा गया है
    उसकी जीत नहीं, उसकी उपलब्धि का मार्केटिंग वैल्यू ही इसका असली लक्ष्य है
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    Shivateja Telukuntla

    दिसंबर 5, 2024 AT 02:45
    अच्छा काम किया नीरज
    हमें इस तरह के खिलाड़ियों की जरूरत है
    बस इतना ही
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    Ravi Kumar

    दिसंबर 6, 2024 AT 03:34
    ये लड़का बस एक गाँव का बच्चा था और आज वो दुनिया के सबसे बड़े बॉक्सर्स के साथ रिंग में है
    मैंने उसकी आवाज़ सुनी - उसमें एक अद्भुत शांति थी
    जैसे वो जानता हो कि वो क्या चाहता है
    और वो चाहता था कि भारत उसे देखे
    और आज वो देख रहा है
    ये बस एक खिलाड़ी की कहानी नहीं
    ये एक देश की आत्मा की आवाज़ है
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    rashmi kothalikar

    दिसंबर 6, 2024 AT 18:03
    इस बारे में क्या कहते हो जब नीरज को टायसन के साथ रिंग में डाला गया? क्या ये भारत के लिए गौरव है? नहीं, ये अपमान है! हमारे लड़के को एक बूढ़े और बेकार बॉक्सर के साथ लड़ने के लिए मजबूर किया गया! ये नीची बात है! भारत के लिए गौरव नहीं, ये शर्म की बात है!
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    vinoba prinson

    दिसंबर 8, 2024 AT 10:27
    यह विषय बहुत गहरा है
    क्या हम वास्तविक खेल की जगह एक ब्रांडेड शो को अपनाने के लिए तैयार हैं?
    क्या हम अपने खिलाड़ियों को एक बॉक्सिंग टूर्नामेंट के बजाय एक व्यावसायिक उत्पाद बना रहे हैं?
    यह एक सांस्कृतिक संकट है
    जब खेल की आत्मा को बाजार के लाभ के लिए बलिदान किया जाता है
    नीरज एक विशिष्ट खिलाड़ी है
    लेकिन इस इवेंट का अर्थ उसके जीवन को नहीं बल्कि एक ट्रेंड को बढ़ावा देना है
    हमें इस बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए

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