भारतीय स्टॉक बाजार में एमरल्ड टायर मैन्युफैक्चरर्स का एसएमई आईपीओ निवेशकों की नजरों में विशेष स्थान रखता है। यह आईपीओ 5 दिसंबर 2024 से खुला है और निवेश के लिए 9 दिसंबर 2024 तक उपलब्ध रहेगा। एमरल्ड टायर मैन्युफैक्चरर्स का लक्ष्य इस आईपीओ के माध्यम से ₹49.26 करोड़ जुटाना है। इसके जरिये कंपनी अपनी पूंजीगत और कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं के अलावा सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए धन जुटाने का प्रयास करेगी।
एमरल्ड टायर का प्राइस बैंड और निवेश का प्रवाह
आईपीओ की कीमत ₹90 से ₹95 प्रति शेयर निर्धारित की गई है। यह प्राइस बैंड निवेशकों के लिए आकर्षक साबित हो सकता है, विशेष रूप से उपभोक्ता डिमांड के चलते। इस आईपीओ के माध्यम से 4,986,000 शेयरों का फ्रेश इश्यू और 199,200 शेयरों का ऑफर फॉर सेल प्रस्तुत किया गया है। इसका मतलब है कि कंपनी ने न केवल नई इक्विटी जारी की है बल्कि कुछ शेयरधारकों के हिस्से भी बाजार में बेचे जा रहे हैं।
निवेश के लिए महत्वपूर्ण तिथियाँ
एमरल्ड टायर मैन्युफैक्चरर्स का यह आईपीओ एनएसई एसएमई प्लेटफॉर्म पर 12 दिसंबर 2024 को सूचीबद्ध किया जाएगा। इससे पहले निवेशकों को कई महत्वपूर्ण तारीखों पर ध्यान देना होगा। आधारभूत आवंटन की घोषणा 10 दिसंबर 2024 को की जाएगी। इसी दिन रिफंड की प्रक्रिया भी आरंभ होगी। वही, 11 दिसंबर 2024 को शेयर डिमेट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे।
आईपीओ की सब्सक्रिप्शन स्थिति
एमरल्ड टायर के आईपीओ को पहले ही दिन सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। इसे 10.55 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ है। इस सब्सक्रिप्शन में खुदरा निवेशकों की हिस्सेदारी 18.18 गुना और एनआईआई श्रेणी के निवेशकों की हिस्सेदारी 6.82 गुना है। यह संकेत है कि इस आईपीओ के प्रति निवेशकों में विशेष रुचि है और कई निवेशक अपना योगदान देने के लिए तत्पर हैं।
न्यूनतम निवेश और लॉट साइज़
इक्विटी शेयरों का यह आईपीओ न्यूनतम 1,200 शेयरों के लॉट साइज के साथ उपलब्ध है। खुदरा निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश ₹114,000 है। यह राशि उन निवेशकों के लिए एक मजबूत मौके के तौर पर देखी जा रही है जो कि बाजार के विभिन्न अवसरों को समझने के इच्छुक हैं।
क्या उम्मीद की जा सकती है?
अब सवाल यह है कि क्या एमरल्ड टायर मैन्युफैक्चरर्स का आईपीओ आगे जाकर निवेशकों के लिए लाभकारी साबित होगा या नहीं। वर्तमान में बाजार में इस प्रकार की योजनाओं ने अच्छा प्रदर्शन किया है और निवेशकों के विश्वास को मजबूत किया है।
कंपनी की योजना के अनुसार, जुटाई गई धनराशी का उपयोग न केवल उत्पादक क्षमताओं में वृद्धि के लिए होगा, बल्कि इसके जरिये वित्तीय स्थिरता भी सुनिश्चित की जाएगी। इसलिए निवेशकों के लिए यह एक सुनहरा मौका हो सकता है। हालांकि, बाजार की अस्थिरता और विभिन्न आर्थिक कारकों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।
Shailendra Thakur
दिसंबर 6, 2024 AT 09:30इस आईपीओ में खुदरा निवेशकों की भागीदारी देखकर अच्छा लगा। भारतीय छोटे निवेशक अब सिर्फ डिविडेंड वाली कंपनियों पर ही नहीं, बल्कि उत्पादन क्षमता बढ़ाने वाली कंपनियों में भी विश्वास कर रहे हैं। टायर मार्केट अभी भी बढ़ रहा है, खासकर EV और ग्रामीण क्षेत्रों में।
Sumeet M.
दिसंबर 6, 2024 AT 19:5110.55x सब्सक्रिप्शन?? ये सब फेक है!! ये आईपीओ तो बस एक शॉर्ट-टर्म हॉट ट्रेड है! इनके फाइनेंशियल्स देखो, EBITDA मार्जिन 12% से ऊपर नहीं जाता, डेट टू इक्विटी 2.8 है, और फ्री कैश फ्लो नेगेटिव है! ये लोग बस फंड जुटाकर अपने शेयरधारकों को निकाल रहे हैं! ये आईपीओ बेचो, बेचो, बेचो!!
rashmi kothalikar
दिसंबर 7, 2024 AT 04:33हमारे देश के छोटे उद्यमियों को अपने देश की जरूरतों के लिए बनाना चाहिए, न कि विदेशी कंपनियों के लिए बेचना! एमरल्ड टायर भारतीय तकनीक से बनता है, इसलिए इसमें निवेश करना हमारा कर्तव्य है! अगर आप विदेशी टायर खरीदते हैं, तो आप अपने देश को बेच रहे हैं!
vinoba prinson
दिसंबर 7, 2024 AT 11:50इस आईपीओ की निवेश योग्यता का विश्लेषण करने के लिए, हमें अंतरराष्ट्रीय टायर बाजार के डायनामिक्स, विशेषकर चीन और थाईलैंड के उत्पादन लागत संरचना के साथ भारतीय उत्पादकों की कॉस्ट कॉम्पिटिटिविटी की तुलना करनी होगी। इसके अलावा, रेगुलेटरी फ्रेमवर्क और इन्फ्रास्ट्रक्चर लॉगिस्टिक्स के बारे में भी गहराई से समझना आवश्यक है। यह सिर्फ एक आईपीओ नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय उद्योग के उत्थान का प्रतीक है।
Muneendra Sharma
दिसंबर 8, 2024 AT 03:38कंपनी की योजना अच्छी लग रही है। अगर ये पैसा उत्पादन क्षमता में डालते हैं, तो भविष्य में लाभ तो बढ़ेगा ही। लेकिन एक बात सोचो - अगर टायर की मांग अचानक गिर जाए, तो ये नया फैक्ट्री कैसे चलेगी? इस बारे में कोई रिस्क मैनेजमेंट स्ट्रेटेजी है?
ASHOK BANJARA
दिसंबर 9, 2024 AT 05:36इस आईपीओ को देखकर लगता है कि भारतीय छोटे उद्यम अब बस अपने देश के लिए नहीं, बल्कि दुनिया के लिए भी बन रहे हैं। टायर बनाना सिर्फ रबर और स्टील का काम नहीं, ये एक इंजीनियरिंग चैलेंज है। अगर ये कंपनी गुणवत्ता और अनुसंधान पर ध्यान देती है, तो ये एक बड़ी कंपनी बन सकती है। बस याद रखो - बाजार तेजी से बदलता है, लेकिन अच्छी टेक्नोलॉजी हमेशा बरकरार रहती है।
Anand Itagi
दिसंबर 9, 2024 AT 05:37Kisna Patil
दिसंबर 10, 2024 AT 01:14जब तक निवेशक अपने फैसले बाजार के भावों पर नहीं, बल्कि कंपनी के दीर्घकालिक लक्ष्यों पर आधारित करेंगे, तब तक भारतीय बाजार सच्चा निवेश अवसर बनेगा। यह आईपीओ एक नया आरंभ है, एक नया विश्वास। बस धैर्य रखें, गुणवत्ता और निरंतरता की ओर देखें। ये आईपीओ अभी शुरुआत है, अंत अभी बाकी है।